राधे राधे ,,श्री वृन्दावन श्री प्रियाजी का वो निज धाम है,जिसमें देह और देही का भेद नहीं है .श्री वृन्दावन की तरु-लता,श्री वृन्दावन की रज दोनों हीं श्री वृन्दावन की आत्मा हैं ,इ...
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